Support Malvani hooch tragedy victims

Signatures:
  9 (Goal: 500)

Petitioning: Chief Minister, Maharashtra Govt

Petitioner: नौजवान भारत सभा started on June 28, 2015

Support Malvani hooch tragedy victims

प्रति
मुख्यमन्त्री , महाराष्ट्र सरकार
विषय - मालवणी, मालाड में जहरीली शराब से हुई मौतों के पीडितों को मुआवजे के सन्दर्भ में
महोदय
मालवणी में 17 जून को हुई जहरीली शराब दुर्घटना ने आधिकारिक तौर पर 103 व असल में लगभग 200 लोगों की जिन्दगियां छीन ली। ज्याादातर मृतक अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे व उनकी मृत्यु के साथ ही उनके परिवार भी सड़कों पर आने की स्थिति में हो गये हैं। आपको पता ही होगा कि ज्या‍दातर लोग आदतन शराबखोर नहीं थे व मुंबई के बेहद जरूरी काम जैसे सफाई, सुरक्षा, ऑटो चलाना आदि में लगे हुए थे व 12-14 घण्टे काम करके मुश्किल से अपना जीवनयापन कर रहे थे। ज्याादातर लोगों के पास ना तो अपने घर थे और ना ही कोई स्थायी नौकरी, ऐसे में उनकी मृत्यु के साथ ही उनके परिवारों के सामने आगे की जिन्दगी का रास्ता बेहद कठिन हो गया है।
इस पूरी घटना का जिम्मेेदार मालवणी इलाके का पुलिस विभाग, आबकारी विभाग व अन्य शासकीय अमला है। पूरी मुंबई के झोपड़पट्टी इलाकों में ही इन विभागों की अवैध शराब माफिया के साथ संदिग्ध सम्बन्धों की वजह से ही इस तरह की अवैध शराब की दुकानें चलती है। ऐसे में इस पूरी दुर्घटना का जिम्मेदार होने के नाते व साथ ही जनता का संरक्षक होने के नाते राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि पीड़ि‍तों की बेहद जरूरी मांगों पर विचार कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा करे। हमारी मांगें है -
1. आधिकारिक तौर पर बताई जा रही मृतकों की संख्याे व असल में हुई मौतों की संख्या में काफी अन्तर सामने आ रहा है इसलिए आप त्वरित जांच कमेटी बिठाकर मृतकों की सही संख्या की गणना करवाएं।
2. हर मृत व्यक्ति के परिवार को कम से कम 10 लाख रू. मुआवजा दिया जाये। चूंकि ज्यादातर लोग दिहाड़ी मज़दूर थे व कई लोगों के पास राशनकार्ड जैसे जरूरी कागजात नहीं हैं इसलिए अधिकारियों को विशेष निर्देश देकर इस मुआवजे को बिना किसी रुकावट के बांटने का इंतजाम भी किया जाय।
3. हर मृत व्यक्ति के किसी एक आश्रित को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाय।
4. पीड़ि‍तों के बच्चों की कॉलेज तक की नि:शुल्की शिक्षा की व्यवस्था की जाय।
5. पीड़ि‍त परिवारों के सभी सदस्यों के लिए मेडिकल बीमा की व्यवस्था की जाय जिसका प्रीमियम राज्य सरकार दे।
6. चूंकि ज्यादातर लोग किराये के घरों में रहते थे व अब उनके सामने किराया देने की भी समस्या आ खड़ी हुई है, ऐसे में सभी पीड़ि‍तों को एक घर राज्य सरकार की तरफ से दिया जाय। जिन लोगों के पास पहले से अपने घर हैं, उनके जर्जर घरों की मरम्मत करवायी जाय।
7. इस दुर्घटना के जिम्मे दार सभी पुलिस अधिकारियों, आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाय।
8. दुर्घटना के बाद मौतों के इतनी बड़ी संख्या में होने का एक कारण आसपास के सरकारी अस्पतालों में इमर्जेंसी सुविधाओं का ना होना व डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरता जाना भी है। अगर समय पर उचित इलाज मुहैया करवाया जाता तो शायद बहुत सारी जानें बच सकती थी। ऐसे में एक जांच कमेटी बिठाकर डॉक्टोरों पर कार्रवाई की जाय व साथ ही पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए विशेष फण्ड मुहैया करवाया जाय।
9. आगे से ऐसी दुर्घटनाएं ना हो, इसके लिए पूरे राज्य में अवैध शराब की दुकानों पर कड़ी कार्रवाई कर बन्द किया जाय।
प्रतिलिपि प्रेषित

1. प्रधानमन्त्री , भारत सरकार
2. एकनाथ खडसे, राजस्व, कृषि, उत्पाद शुल्क और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री, महाराष्ट्र सरकार