Stop reservations in Indian education system

Signatures:
  3 (Goal: 500,000)

Petitioning: Want to stop reservation system in Indian education/ selection in govt. job

Petitioner: Amandeep thakur started on November 15, 2017

Stop reservations in Indian education system

JUSTICE FOR STUDENTS
Subject:- Stop reservation In education system in India

मैं #general categorie हुँ । मूझे 3 साल की उम्र पर एक स्कूल में दाख़िला दिलवा दिया था और तब से मुझे स्कूल में पढ़ाया की हम सब एक है कोई किसी से भेद भाव ना करे सब मिल जुल कर रहे। 9 कक्षा तक सब ठीक था मगर दसवीं में और उसके बाद ऐसे हुआ की मैंने जाना हम सब एक नहीं फ़र्क़ है और यह फ़र्क़ उन्होंने ही डाला है जिन्होंने मुझे सिखाया कि हम सब एक है
#भारत का संविधान
#भारत के राजनेता
दसवीं मैं मुझे मालूम हुआ की मैं 😥GENERAL😥 श्रेणी मैं आता हुँ । खेल तो शुरू ग्यारवीं में सरकारी स्कूल में दाख़िला लेने पर शुरू हुआ । मेरे 62% अंक थे मेरा दाख़िला उस सरकारी स्कूल में नहीं हो सका जिस में मुझे लेना था क्यूँकि नम्बर कम थे मगर मुझसे से भी कम 45% अंक पाने वाले मेरे मित्रको उस स्कूल मैं दाख़िला मिल गया ( कैसे मिला SC श्रेणी के कारण ) 😡😡बाद में ऐसे और भी मित्रों का पता लगा जिन्हें अच्छे स्कूलों में दाख़िले मिलें थे😡😡 फिर बारवीं पास कर के कालेज में दाख़िला लेते हुए फिर से दसवीं वाला वाक्य हुआ मेरे 66% अंक थे मुझसे कम अंक प्राप्त करने वालों के दाख़िले अच्छे कालेज में हो गये क्यूँ 😡SC,ST,OBC😡 फिर कालेज पास किया सरकारी नौकरी के लिए बहूत फ़ार्म भरे (GENERAL का 1000₹ का होता था तो इनका 100-50₹ का फिर भी भरे ) उन्मे से कई पास भी किए लेकिन नौकरी मुझसे कम अंक वालों को मिली क्यूँ 😡SC,ST,OBC😡 उम्र तो अब भी बाक़ी है बहूत से सरकारी नौकरी के लिये पर अब मन नहीं करता क्यूँ 😡SC,ST,OBC😡 और जाना 😥हम सब एक नहीं😥। यह मेरी और लग भग हर GENERAL श्रेणी वाले बच्चो की कहानी है । मेरे कुछ सवाल आती जाती हर सरकार से है
1. आख़िर कब तक ऐसा चलेगा ?
2. ग़रीब की ग़रीबी देख कर सहायता करना ठीक है या SC,ST,OBC,GEN देख कर ?
3. टैलेंट / कठोर मेहनत को SC,ST,OBC,GEN (कोटे) में तोलना क्या ठीक है
4. तो हम सब कैसे एक हुए इन सरकारों और देश के लिए ?
5. सरकारी नौकरी के लिए चयन क़ाबलियत देख कर होना चाहीए या SC,ST,OBC,GEN देख कर ??
दम,जोश,क़ाबलियत,होंसला तो मेरा,उसका बराबर ही था मगर उसके पास कोटे का काग़ज़ था 😔😔😢😥
अगर कोई जीते तो क़ाबिलियत के सहारे,काग़ज़ों से क़ाबलियत नहीं,सयासत/साज़िश बयान होती है ।

Share करें अगर आप सहमत है। जब तक यह सरकारें #GENERAL CATEGORIE's स्टूडेंट के साथ इंसाफ़ नहीं करतीं । जय हिन्द 🙏🏻🇮🇳